उखाणे: मराठी भाषा की सांस्कृतिक काव्य शैली 2026

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मराठी परंपरा और संस्कृति में उखाणों का एक खास महत्व है। ये केवल शब्दों का खेल नहीं, बल्कि भावनाओं को व्यक्त करने का एक सुंदर माध्यम हैं। शादी, मंगळागौर, हल्दी-कुंकू जैसे पारंपरिक आयोजनों में उखाणे लिए जाते हैं, जो न केवल माहौल को हल्का-फुल्का और आनंदमय बनाते हैं, बल्कि रिश्तों में मिठास भी घोलते हैं। … Read more

मंढविनी या भाल देव: लोनारी कुनबी मराठा समुदाय की विशिष्ट विवाह रस्म

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मध्य प्रदेश के लोनारी कुनबी मराठा समुदाय में विवाह के समय निभाई जाने वाली एक और महत्वपूर्ण रस्म है, जिसे “मंढविनी” या “भाल देव” भी कहते हैं। यह रस्म कुल देवता और पूर्वजों की पूजा के माध्यम से वर-वधू के नए जीवन की शुभ शुरुआत का प्रतीक है। मंढविनी रस्म का महत्व मंढविनी रस्म में … Read more

बारहमासी रस्म: घर की पवित्रता और नकारात्मक शक्तियों को दूर करने की परंपरा

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बारहमासी लोणारी कुंबी के विवाह के दौरान किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण और पारंपरिक अनुष्ठान है, जिसे खासतौर पर मंडप (विवाह या किसी शुभ कार्य से जुड़ी संरचना) के दिन शाम 4-5 बजे के बीच किया जाता है। यह अनुष्ठान घर को पवित्र करने और नकारात्मक शक्तियों को दूर करने के उद्देश्य से किया जाता … Read more

Gotra kitne prakar ke hote hain, उनका महत्व, और 115 गोत्र के नाम।

Gotr kitne prakar ke hote hai

सनातन धर्म में गोत्र का बहुत महत्व है। जब शादी, पूजा या कोई धार्मिक कार्य होता है, तो गोत्र पूछा जाता है। यह परंपरा हमारी सांस्कृतिक और पारिवारिक पहचान को दर्शाती है। गोत्र का अर्थ उदाहरण के लिए, अगर किसी का गोत्र “कश्यप” है, तो इसका मतलब है कि वह कश्यप ऋषि के वंशज हैं। … Read more

कुनबी मराठा के प्रकार: एक संक्षिप्त परिचय

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भारत में कुनबी मराठा समुदाय एक प्राचीन और प्रतिष्ठित जाति है, जिसे उनकी भौगोलिक स्थिति, व्यवसाय, और सांस्कृतिक परंपराओं के आधार पर विभिन्न समूहों में विभाजित किया गया है।  यह समुदाय मुख्यतः महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, और गुजरात में फैला हुआ है। आइए कुनबी मराठा के प्रमुख प्रकारों और उनकी विशेषताओं के बारे में विस्तार से … Read more

लोणारी कुनबी मराठी शादियों में “वरग” का क्या महत्व है?

varag kya hai?

लोणारी कुंबी मराठी शादियों में “वरग (Varg)” प्रणाली का संबंध व्यक्ति की जन्म राशि और नक्षत्र से है। यह वैदिक ज्योतिष पर आधारित एक प्राचीन पद्धति है, जिसका उद्देश्य विवाह की अनुकूलता और सामंजस्य सुनिश्चित करना है। वरग को जानवरों से जोड़ा गया है, जो व्यक्ति के स्वभाव और व्यवहार को दिखाते हैं। कुनबी समाज … Read more

पौष मे विवाह से जुड़े कार्य क्यों वर्जित होते हैं?

Pausha me kya hota hai

हिंदू धर्म में चंद्र कैलेंडर के आधार पर महीनों और तिथियों का निर्धारण किया जाता है। पौष मास हिंदू पंचांग का दसवां महीना है, जो मार्गशीर्ष (अगहन) के बाद और माघ मास से पहले आता है। हर चंद्र मास को दो पक्षों में बांटा गया है: पौष शुक्ल और पौष कृष्ण में अंतर पौष शुक्ल … Read more

खन मिट्टी रस्म: कुनबी मराठा शादियों की महत्वपूर्ण रस्मों मे से एक

khan mittee kunbi wedding ritual

कुनबी मराठा समुदाय की शादी की परंपराएं अपनी सादगी, सामुदायिक भावना और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव के लिए जानी जाती हैं। इन परंपराओं में “खान मिट्टी” की रस्म का खास महत्व है। यह सिर्फ़ मिट्टी लाने का आसान तरीका नहीं है, बल्कि एक सांस्कृतिक रस्म है जो नए शादीशुदा जोड़े को खुशहाली, स्थिरता और … Read more

मराठी शादियों के मंडप मे “मुंडा-मुंडी” का महत्व: परंपरा और सांस्कृतिक पहलू

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मध्य प्रदेश के लोणारी कुंबी मराठी विवाह की रस्में अपने पुराने रीति-रिवाजों के लिए जानी जाती हैं। हर रस्म का एक कल्चरल महत्व होता है। शादी का मंडप इस खास परंपरा का केंद्र होता है, जहाँ दूल्हा और दुल्हन औपचारिक तौर पर अपनी शादीशुदा ज़िंदगी शुरू करते हैं। दो मुख्य पिलर, “मुंडा-मुंडी” बहुत ज़रूरी माने … Read more

मराठी शादी की चूल्हा-मैकोथरी रस्म : क्यू बनाते है चूल्हा, कोठी और नाद वेल्का?

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भारतीय शादी सिर्फ़ दो लोगों का मिलन नहीं है, बल्कि दो परिवारों और दो परंपराओं का मेल है। मराठी समाज में शादी की कई रस्में होती हैं, जिनमें से हर एक का अपना खास महत्व और संदेश होता है। ऐसी ही एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक रस्म है “चूल्हा-मैकोथरी” जो Kunbi Maratha समुदाय की शादियों मे … Read more