इतिहास से वर्तमान तक: कुंभी मराठा समुदाय की कृषि परंपराएँ

kunbi maratha

कुंभी मराठा समुदाय भारत के प्राचीन और प्रतिष्ठित कृषक वर्गों में से एक है। इस समुदाय की पहचान सदियों से खेती-बाड़ी से जुड़ी रही है। महाराष्ट्र और मध्य भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में बसे कुंभी मराठा किसानों ने न केवल अपनी आजीविका के लिए कृषि को अपनाया, बल्कि मराठा साम्राज्य की आर्थिक और सामाजिक नींव … Read more

गाडगे रस्म: मराठी कुंभी–मराठा विवाह की पवित्र स्नान विधि

Gadge Rasm

भारतीय विवाहों में हर रस्म का एक विशेष अर्थ और उद्देश्य होता है। कुनबी, मराठी एवं कई ग्रामीण समुदायों में होने वाली एक महत्वपूर्ण और पारंपरिक रस्म है—“गाडगे”। यह केवल एक स्नान प्रक्रिया नहीं, बल्कि नए जोड़े के जीवन में पवित्रता, शुभता और नए आरंभ का प्रतीक है। इस लेख में हम गाडगे रस्म की … Read more

चट–पुन रस्म का अर्थ, विधि और महत्व Chat–Pun Rasam in Kunbi Maratha Wedding

Chat–Pun Rasam in Kunbi Maratha Wedding

कुनबी मराठा समुदाय के विवाह संस्कार अपनी सादगी, संस्कृति और पारिवारिक अपनत्व के लिए प्रसिद्ध हैं। हर रस्म के पीछे एक सुंदर संदेश और गहरी भावनाएं छिपी होती हैं। इन्हीं में से एक है “चट–पुन (Chat-Pun)”, जो दूल्हे–दुल्हन के परिवारों के बीच प्रेम, मान–सम्मान और रिश्तों की मिठास बढ़ाने वाली परंपरा मानी जाती है। चट–पुन … Read more

मेस्कय रस्म का महत्व और उसके रोचक तथ्य।

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कुनबी मराठा समाज में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों और संस्कृतियों का संगम माना जाता है। इसी पवित्र बंधन को मजबूत करने वाली कई पारंपरिक रस्में सदियों से निभाई जाती हैं। ऐसी ही एक महत्वपूर्ण और धार्मिक रस्म है “मेस्कय”। यह रस्म मंगल माथनी के बाद की जाती है और … Read more

मराठी विवाह, में सुखा टीका और गीला टीका का महत्व?

Kunbi Maratha

हर समाज में विवाह को स्वीकृति देने और पक्का करने के लिए विभिन्न रस्में निभाई जाती हैं। ये रस्में समुदाय, परंपरा और क्षेत्र के अनुसार भिन्न हो सकती हैं, लेकिन इनका उद्देश्य विवाह को सामाजिक रूप से स्वीकृत करना होता है। मध्य प्रदेश के Lonari Kunbi Maratha Samaj में शादी से पहले सुखा टीका और … Read more

मंढविनी या भाल देव: लोनारी कुनबी मराठा समुदाय की विशिष्ट विवाह रस्म

meskay rasm

मध्य प्रदेश के लोनारी कुनबी मराठा समुदाय में विवाह के समय निभाई जाने वाली एक और महत्वपूर्ण रस्म है, जिसे “मंढविनी” या “भाल देव” भी कहते हैं। यह रस्म कुल देवता और पूर्वजों की पूजा के माध्यम से वर-वधू के नए जीवन की शुभ शुरुआत का प्रतीक है। मंढविनी रस्म का महत्व मंढविनी रस्म में … Read more

Gotra kitne prakar ke hote hain, उनका महत्व, और 115 गोत्र के नाम।

Gotr kitne prakar ke hote hai

सनातन धर्म में गोत्र का बहुत महत्व है। जब शादी, पूजा या कोई धार्मिक कार्य होता है, तो गोत्र पूछा जाता है। यह परंपरा हमारी सांस्कृतिक और पारिवारिक पहचान को दर्शाती है। गोत्र का अर्थ उदाहरण के लिए, अगर किसी का गोत्र “कश्यप” है, तो इसका मतलब है कि वह कश्यप ऋषि के वंशज हैं। … Read more

पौष मे विवाह से जुड़े कार्य क्यों वर्जित होते हैं?

Pausha me kya hota hai

हिंदू धर्म में चंद्र कैलेंडर के आधार पर महीनों और तिथियों का निर्धारण किया जाता है। पौष मास हिंदू पंचांग का दसवां महीना है, जो मार्गशीर्ष (अगहन) के बाद और माघ मास से पहले आता है। हर चंद्र मास को दो पक्षों में बांटा गया है: पौष शुक्ल और पौष कृष्ण में अंतर पौष शुक्ल … Read more

लोनारी कुनबी मराठा का मध्य प्रदेश में आगमन

Kunbi Maratha

मध्य प्रदेश में लोन्हारी कुनबी मराठा समुदाय का आना एक ऐतिहासिक प्रक्रिया का नतीजा है। यह समुदाय मूल रूप से महाराष्ट्र के मराठा क्षेत्र का रहने वाला है, लेकिन समय के साथ, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कारणों से वे मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बस गए। लोंहारी कुनबी मराठा समुदाय का मध्य प्रदेश में … Read more