पौष पक्ष
पोष माह को भगवान विष्णु के विश्राम का समय माना जाता है, इसलिए इस दौरान विवाह जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते।
ज्योतिष के अनुसार, पोष माह में शादी के लिए सही मुहूर्त नहीं बनता, इसलिए इस समय विवाह से बचने की सलाह दी जाती है।
पोष माह में सूर्य की ऊर्जा कमजोर मानी जाती है, इसलिए शादी के लिए इसे शुभ नहीं समझा जाता।
पौष मास हिंदू पंचांग का दसवां महीना होता है, जो अगहन के बाद और माघ से पहले आता है।
मान्यता है कि अगर पौष महीने में शादी हो, तो वैवाहिक जीवन में
थोड़ा तनाव और रिश्तों में तालमेल की कमी
देखने को मिल सकती है।
the root of River Tapti
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